हिंदी और हिंदी दिवस का इतिहास

हिंदी जो कि भारत मे बोली जाने वाली वाली सभी भाषायों में सबसे अधिक प्रचलित भाषा है ।हिंदी नाम हिन्दू शब्द से लिया गया था । हिंदी भाषा का उद्गम संस्कृत , तमिल और तमिल भाषा को माना जाता है । हिंदी भाषा का जन्म जन्म उत्तर भारत मे 2000 वर्ष पूर्व माना जाता है और वर्ष 1000 से 1100 के बीच इसका चलन आम बोल चाल की भाषा के रूप में किया जाना लगा था । 1500 ई० के आस पास जनसामान्य हिंदी भाषा से भली भांति परचित हो गया था । सन 1700 में हिंदी भाषा मे साहित्य सृजन शुरू हो गया था । मुगलों के भारत मे वर्चस्व बढ़ने के उपरांत हिंदी भाषा मे उर्दू , अरबी और फ़ारसी भाषा का मिश्रण होने लगा और हिंदी भाषा मे अशुद्धता आने लगी । फ़ारसी के लगभग 3500 शब्द , अरबी 2500 शब्द , पस्तो के 50 शब्द और तर्की के 150 शब्द हिंदी में मिल गए जिसका कारण यह था कि मुगल उन्हें ही नौकरी पर रखते थे जिन्हें फ़ारसी भाषा का ज्ञान होता था । जिसके कारण हिंदी भाषा का प्रयोग कम हो गया । परंतु तुलसीदास जी , मीराबाई जी , बिहारी जी तथा भूषण जी जैसे लेखक और रचनाकारों के कारण हिंदी और ब्रिज भाषा का अस्तित्व बना रहा । इसके बाद वर्ष 1800 के उपरांत हिंदी भाषा का प्रभाव कम पड़ने लगा और अधिकांश जनसंख्या हिंदी भाषा बोलने लगी । परन्तु कुछ ही समय के उपरांत अंग्रेजों का अधिकार भारत पर हुआ और अंग्रेजी भाषा की ऐसी हवा चली की लगा हिंदी और अन्य भारतीय भाषाएं कही इस हवा में उड़ न जाए । उस के महान लेखकों ने खड़ी हिंदी भाषा मे कई रचनाओं का निर्माण किया जिसमें शुद्ध हिंदी भाषा मे भी प्रयोग होता था । अंग्रेजों ने फिर से कई प्रयास किये हिंदी भाषा के प्रभाव को कम किया जा सके परन्तु लेखकों और स्वतंत्रता सेनानियों के समक्ष उनके (अंग्रेजो) के सभी प्रयास असफल हुए ।


हिंदी भाषा की अनदेखी रुकने के लिए आजादी मिलने के 2 वर्ष बाद 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा मे हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया गया था और 1953 से लगातार 14 सिंतबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जा रहा है ।संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया । इसके उपरांत हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा । हिंदी की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हिंदी भाषा को जिस प्रकार जैसे उच्चारण किया जाता है वह उसी प्रकार लिखी भी जाती है । देश ने लगबहग 67 प्रतिशत लोग हिंदी पढ़ते , लिखते और बोलते है । हिंदी भाषा भारत को साथ मे बांध कर रखती है। आज के समय में हम अंग्रेजी को पीछे भागने के कारण हिंदी भाषा को भूलते जा रहे है । हिंदी भाषा के सम्मान के लिए हम सभी इसके प्रचार और प्रसार के लिए सतत कार्य करना चाहिए ।
आप सभी को हिंदी दिवस को हार्दिक शुभकामनाएं ।